मार्गदर्शक गुरूदेव - ब्रह्मलीन स्वामी हर श्रद्धानंद जी महाराज ।
भैया भाभी - कान्हा भैया राधा मैया ।
पिता - ब्रह्मलीन महात्मा अचल संतोषानंद जी ।
मां - बाई सत धर्मानंद जी ( लाज बाई जी गुरूग्राम कुटिया वाले ) ।
जन्म - 6 अप्रैल 1973 रेवाडी ( हरियाणा ) ।
संन्यास - श्री पंचम पादशाही भगवान जी ने
दिंनाक - 18 जनवरी 2016 श्री प्रयागधाम में
साधु चोला प्रदान कर
नाम - गुरूमुख आजाद ( दीपक भैया ) से बदल कर
निर्भय अनूपानंद ( आजाद स्वामीॐ ) किया ।
निवास - श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम
48/18 लक्ष्मी गार्डन, निकट ग्रामीण बैंक
गुरूग्राम-122001
फ़ोन 9891723975.
WhatsApp - 8010307740
श्री परमहंस मंत्रों का भावार्थ
*꧁श्री परमहंस देवाय नम:꧂*
श्री परमहंस भगवान जी को नमन
हंस आत्मा और परमहंस परमात्मा
जब आत्मा परमात्मा में द्वैत नहीं तो भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान शिव अथवा देवी माता और श्री सद्गुरु देव में द्वैत कैसे हो सकता है?
इस जाप के माध्यम से अद्वैत मत की इस अद्वैत भावना को दृढ़ करना है।
और दूसरा मंत्र
*श्री परमहंस शरणम् गच्छामि*
समस्त कर्मों को भगवान जी को अर्पित करके
हंगता मिटाकर
स्वयं भी
मन वचन कर्म से अर्पित हो जाइए
और जो श्री गुरूमहाराज जी
से गुरू मंत्र मिला है एकाग्र होकर उसमें लीन हो जाइए और सदैव जपिए
*श्री परमहंस शरणम् गच्छामि*